अबू धाबी, 13 सितंबर 2025 – क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जज़्बातों का नाम है। एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर मैच करोड़ों फैन्स की धड़कनों को तेज़ कर देता है। शुक्रवार की शाम अबू धाबी में खेला गया श्रीलंका बनाम बांग्लादेश मुकाबला भी कुछ ऐसा ही रहा। मैदान में हर चौके-छक्के पर तालियाँ गूँजती रहीं और हर विकेट पर दर्शकों की साँसें थम सी गईं।
बांग्लादेश की संघर्ष भरी पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत उम्मीदों के बिल्कुल उलट रही। कुछ ही ओवरों में विकेट गिरते चले गए और स्कोरबोर्ड पर 53/5 लिखा था। उस वक्त स्टेडियम में मौजूद बांग्लादेशी फैंस मायूस नज़र आने लगे। लेकिन क्रिकेट की खूबसूरती ही यही है कि हालात कभी भी बदल सकते हैं।
यही हुआ जब शमिम हुसैन (42)* और जकर अली (41)* ने धैर्य और जज़्बे से खेलते हुए टीम को संभाला। दोनों बल्लेबाज़ों ने मिलकर 86 रन की नाबाद साझेदारी की और बांग्लादेश को 139/5 तक पहुँचा दिया। शायद ये स्कोर बड़ा नहीं था, लेकिन जिस तरह टीम मुश्किल से बाहर निकली, उसने दर्शकों की तालियाँ जरूर जीत लीं।
श्रीलंका की आत्मविश्वास भरी बल्लेबाज़ी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत एकदम दमदार रही। पथुम निसांका का बल्ला मानो रनों की बारिश कर रहा था। 34 गेंदों पर उनकी 50 रन की पारी ने बांग्लादेश के गेंदबाज़ों के मनोबल को तोड़ दिया। स्टैंड्स में बैठे श्रीलंकाई समर्थक हर शॉट पर उछल-उछलकर जश्न मना रहे थे।
निसांका के साथ-साथ कमिल मिशारा (46)* ने भी कमाल की बल्लेबाज़ी की। उनकी नाबाद पारी ने श्रीलंका की जीत को और भी आसान बना दिया। टीम ने सिर्फ 14.4 ओवर में 140 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया और फैन्स के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ा दी।
गेंदबाज़ी का जलवा
श्रीलंका की जीत में गेंदबाज़ों की भूमिका अहम रही। नुवान थुशारा और दुष्मंथा चमीरा ने शुरुआती ओवरों में ऐसी घातक गेंदबाज़ी की कि बांग्लादेश संभल ही नहीं पाया। वहीं, वनिंदु हसरंगा ने बीच के ओवरों में अपने जादुई स्पिन से बल्लेबाज़ों को परेशान कर दिया। उनकी हर गेंद पर फैन्स की उम्मीदें बढ़ती चली गईं।
बांग्लादेश के सामने अब चुनौती
बांग्लादेश के लिए यह हार दर्दनाक रही। फैन्स को उम्मीद थी कि टीम जोरदार शुरुआत करेगी, लेकिन टॉप ऑर्डर की नाकामी ने मैच हाथ से निकल जाने दिया। हाँ, निचले क्रम की साझेदारी ने हौसला दिखाया, लेकिन बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए शुरुआत से ही टीमवर्क चाहिए। अब बांग्लादेश को अगले मैचों में और बेहतर प्रदर्शन करना होगा, वरना सुपर-4 की रेस से बाहर होने का खतरा मंडरा सकता है।
श्रीलंका की जीत का असर
श्रीलंका के लिए यह जीत महज़ दो पॉइंट्स की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की भी जीत है। पूरी टीम ने यह संदेश दे दिया है कि वे एशिया कप 2025 में किसी भी टीम को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। जीत के बाद श्रीलंकाई ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल था और स्टेडियम में मौजूद फैन्स “श्रीलंका, श्रीलंका” के नारों से गूँज उठे।
क्रिकेट में जीत और हार दोनों ही टीम की कहानी कहते हैं। इस मैच में श्रीलंका का आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ झलक रही थी, जबकि बांग्लादेश ने हार के बावजूद संघर्ष और जज़्बा दिखाया। यही तो क्रिकेट का असली रोमांच है – जहाँ आखिरी गेंद तक उम्मीदें ज़िंदा रहती हैं।
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