रॉबर्ट रेडफोर्ड का निधन

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हॉलीवुड दिग्गज अभिनेता और निर्देशक रॉबर्ट रेडफोर्ड (Robert Redford) का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। जानिए उनकी आखिरी फिल्म, करियर, Sundance Festival की विरासत और उन्हें मिली श्रद्धांजलि के बारे में पूरी जानकारी।

हॉलीवुड का एक सुनहरा अध्याय अब हमेशा के लिए बंद हो गया है। सिनेमा की दुनिया में अपनी छाप छोड़ने वाले महान अभिनेता, निर्देशक और स्वतंत्र फिल्मों के संरक्षक  रॉबर्ट रेडफोर्ड का निधन  (Robert Redford)  16 सितंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह अपने प्रियजनों के बीच, यूटा स्थित घर में शांतिपूर्वक इस दुनिया को अलविदा कह गए।

यह खबर सुनते ही न सिर्फ हॉलीवुड बल्कि दुनियाभर के सिनेप्रेमियों की आंखें नम हो गईं। रेडफोर्ड केवल एक स्टार नहीं थे, बल्कि सिनेमा की आत्मा थे—जिन्होंने निधनफिल्मों को एक नई दिशा और पहचान दी।

बचपन से हॉलीवुड तक का सफर

18 अगस्त 1936 को कैलिफ़ोर्निया में जन्मे रॉबर्ट रेडफोर्ड का सफर आसान नहीं था। साधारण परिवार से आने वाले इस लड़के ने मेहनत और जुनून से वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। थिएटर से शुरुआत करके उन्होंने टीवी और फिर बड़े पर्दे पर धमाकेदार एंट्री की।

उनकी मुस्कुराहट, गंभीर नज़रें और दमदार अभिनय ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया।

करियर की ऊँचाइयाँ और अमर किरदार

रेडफोर्ड की फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सिनेमा की क्लास थीं। Butch Cassidy and the Sundance Kid (1969), The Sting (1973), All the President’s Men (1976) और Out of Africa (1985) जैसी फिल्में आज भी दर्शकों के दिल में बसी हुई हैं।

1980 में उनकी निर्देशित फिल्म Ordinary People ने उन्हें ऑस्कर अवॉर्ड (Best Director) दिलाया। यह साबित करता है कि वह सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील फिल्मकार भी थे।

रेडफोर्ड का नाम आते ही याद आता है Sundance Film Festival। उन्होंने इसे इसलिए शुरू किया ताकि नए और स्वतंत्र फिल्मकारों को मौका मिल सके। आज यह दुनिया के सबसे बड़े इंडी फिल्म फेस्टिवल्स में गिना जाता है। उनकी सोच ने हजारों युवाओं को कैमरे के पीछे और सामने अपनी पहचान बनाने का मौका दिया।

मार्च 2025 में Dark Winds (Season 3) में उनकी आखिरी स्क्रीन उपस्थिति देखने को मिली। एक कैदी के रूप में उनका छोटा सा रोल भी दर्शकों को भावुक कर गया। शायद वे भी जानते थे कि यह उनके शानदार करियर की अंतिम झलक होगी।

इंसान से आइकॉन तक

रॉबर्ट रेडफोर्ड ने साबित किया कि सच्ची महानता केवल अवॉर्ड्स या शोहरत से नहीं आती, बल्कि उस छाप से आती है जो आप इंसानों के दिलों में छोड़ते हैं। उन्होंने अपने अभिनय से हमें हंसाया, रुलाया और सोचने पर मजबूर किया।

आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में, उनका विज़न और उनकी विरासत हमेशा ज़िंदा रहेगी।

रॉबर्ट रेडफोर्ड सिर्फ हॉलीवुड का सितारा नहीं थे, वह फिल्म आर्टिस्ट्री की धड़कन थे। उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनका जीवन हमेशा प्रेरणा देता रहेगा कि अगर जुनून और विश्वास हो, तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

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